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घरेलू नुस्ख़ों से पायें बवासीर से राहत

Dr. Nilesh Dehariya, Senior Laser Proctologist
Dr. Nilesh Dehariya
Senior Laser Proctologist in Indore

बवासीर क्या है – What is Piles (Hemorrhoids)

बवासीर (Piles) सबसे ज़्यादा भयावह रोग है| बवासीर से ग्रसित व्यक्ति को गुदा मार्ग में कई सारे मस्सों का निर्माण हो जाने के कारण दर्दनाक परिस्थितियों से गुज़रना पड़ता है| पाचन विकार बवासीर होने का सबसे मुख्य कारण है| रोग तीव्र हो जाने पर मरीज़ के गुदा मार्ग से म्यूक्स (mucous) और रक्त की पिचकारी निकलती है। लम्बे समय तक बवासीर से ग्रसित व्यक्ति का इलाज यदि जल्दी न किया जाए तो गुदा मार्ग से लगातार रक्त स्राव होने के कारण वो धीरे धीरे काफी कमजोर हो जाता है| इसलिए इसका इलाज जल्दी कराना बहुत आवश्यक है| आज हम आपको बवासीर (अर्श) के घरेलू इलाज (Home Remedies For Piles in Hindi ) के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप आसानी से अपने बवासीर छुटकारा पा सकते हैं|

Table of Contents

बवासीर के लक्षण — Symptoms of Piles in Hindi

बवासीर के प्रकार — Types of Piles in Hindi

बवासीर के कारण — Causes of Piles in Hindi

बवासीर के 10 घरेलू इलाज — 10 Home Remedies For Piles in Hindi

एलोवेरा – Aloe Vera For Piles Treatment in Hindi

सेहुंड का दूध — Sehund Milk For Piles Treatment in Hindi

नारियल का तेल — Coconut Oil For Piles Treatment in Hindi

लहसुन — Garlic For Piles Treatment in Hindi

जात्यादी का तेल — Jatyaadi Oil For Piles Treatment in Hindi

कलौंजी — Black Cumin Seeds For Piles Treatment in Hindi

ग्रीन टी — Green Tea For Piles Treatment in Hindi

मूली का रस — Radish Juice For Piles Treatment in Hindi

विच हैजल — Witch Hazel For Piles Treatment in Hindi

टी ट्री ऑयल — Tea Tree Oil For Piles Treatment in Hindi

निष्कर्ष — Conclusion

Symptoms of Piles in Hindi – बवासीर के लक्षण

बवासीर के शुरुआती स्टेज में आप शरीर में कई तरह के बदलाव देख सकते हैं| बवासीर के दौरान कब्ज (Constipation) की समस्या हमेशा बनी रहती है| टांगो के बीच में अक्सर दर्द बना रहता है| बवासीर होने के बाद मरीज को अधिकतम पेट से संबंधित समस्याएं होती हैं| यह सभी बवासीर के शुरुआती या प्राथमिक लक्षण हैं| बवासीर का रोग तीव्र हो जाने पर ये लक्षण और भी भयावह स्थिति में नज़र आने लगते हैं और व्यक्ति के गुदा मार्ग में मस्से का निर्माण और रक्त का रिसाव होने लगता है| ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलकर अपनी बीमारी की जांच कराने और डॉक्टर के द्वारा दी गई दवाईओं का नियमित सेवन करने का सुझाव दिया जाता है| इनके अलावा, बार बार शौच की तीव्र इच्छा होना और शौच के दौरान मल त्याग न होना, गुदा मार्ग के आस-पास जलन महसूस होना और लालिमा बना रहना एवं मल त्याग के दौरान म्यूकस का स्रावित होना भी बवासीर के ही लक्षण हैं||

बवासीर के प्रकार — Types of Piles in Hindi

बवासीर दो प्रकार के होते हैं|

ख़ूनी बवासीर — इस प्रकार के बवासीर में गुदा मार्ग में रक्त और म्यूक्स से भरे मस्सों का निर्माण हो जाता है| जिनमें से मल त्याग के दौरान ख़ून टपकता है| कई बार ये मस्से बाहर आ जाते हैं और दबाने के बावजूद भी यह अंदर नहीं जाते हैं| (और पढ़े: खूनी बवासीर के लक्षण, कारण, इलाज और सर्जरी)

बादी बवासीर — इस प्रकार के बवासीर में मरीज को बार बार खुजली और जलन महसूस होती है| इसमे रोगी को भयानक दर्द से गुज़रना पड़ता है। कब्ज या अन्य पेट संबंधी समस्या होने पर यह और भी कष्टदायक हो जाते हैं| चलने-फिरने या उठने-बैठने में भी बहुत पीड़ा होने लगती है।

बवासीर के कारण — Causes of Piles in Hindi

कई महान वैद्य ने कहा है कि बवासीर का मुख्य कारण आपके खान-पान से जुड़ा होता है| गरिष्ठ भोजन करने वाले, चावल की पीठी खाने वाले, तीखे और तेलीय पदार्थों का सेवन करने वाले तथा मांस, कफ पैदा करने वाले आहार, पेट में दर्द पैदा करने वाली खाद्य सामग्री लेने वाले व्यक्ति के ऊपर बवासीर होने का खतरा हमेशा मंडराता रहता है| इसके अलावा बवासीर होने के और भी कई भौतिक कारण हैं: जैसे की गुदा क्षेत्र पर दबाव पड़ना या लगातार एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे या खड़े रहना| इसलिए बवासीर को पूर्ण रूप से सही करने के लिए खान-पान में बहुत ज्यादा सकारात्मक बदलाव लाने बेहद ज़रूरी हैं।

बवासीर के 10 घरेलू इलाज — 10 Home Remedies For Piles in Hindi –

एलोवेरा – Aloe Vera For Piles Treatment in Hindi


एलोवेरा में बहुत से ऐसे तत्व होते हैं जो सूजन एवं जलन को कम करने की क्षमता रखते हैं| इसलिए बवासीर की समस्या से राहत पाने में इसका प्रयोग बेझिझक किया जाता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एलोवेरा के गूदे को निकाल कर उसका पेस्ट तैयार करें और फिर उस पेस्ट को बवासीर से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं| एलोवेरा का उपयोग करने से बवासीर के कारण होने वाले सूजन, दर्द और जलन से राहत मिलती है|

अगर एलोवेरा का सेवन किया जाए तो यह बवासीर को नष्ट करने का (piles home treatment in hindi) सबसे प्रभावशाली तरीक़ा साबित हो सकता है| दरअसल, एलोवेरा के चिकित्सकीय गुण के चलते पेट में कब्ज की समस्या नहीं रहने से बवासीर के मूल कारण का विनाश हो जाता है| रोज़ 250 ग्राम एलोवेरा के गुदे का सेवन आपके बवासीर के प्रभाव को बहुत कम कर सकता है| इससे आपका पेट स्वस्थ रहेगा और बवासीर से राहत मिलेगी| अगर आप चाहें तो एलोवेरा से बने आइस क्यूब (Ice Cube) से सेंकाई भी कर सकते हैं|

सेहुंड का दूध — Sehund Milk For Piles Treatment in Hindi


सेहुंड के दूध का उपयोग बवासीर के मस्से को जड़ से नष्ट कर सकता है| इसके लिए केवल थोड़ी सी हल्दी की आवश्यकता होगी| एक चम्मच सेहुंड का दूध और एक चुटकी हल्दी मिलाकर उसका लेप तैयार करें और फिर उसे बवासीर के मस्सों पर दिन-भर में दो से तीन बार लगाएं| कुछ दिनों में ही आप इसके प्रभाव को महसूस करने लगेंगे| एक बार दूध लगाने के बाद उसे आधे घंटे के भीतर आवश्यक रूप से धो लें।

नारियल का तेल — Coconut Oil For Piles Treatment in Hindi


नारियल के तेल में एंटी-माइक्रोबियल (Anti-microbial) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण मौजूद होते हैं जो बवासीर में होने वाली जलन, खुजली और दर्द को कम करने, और साथ ही इसके मस्सों को जड़ से ख़त्म करने की सामर्थ्य रखते हैं| इस इलाज के लिए आपको बिना केमिकल वाले (शुद्ध) नारियल के तेल की आवश्यकता होगी| एक चम्मच नारियल के तेल को हल्का गरम करके बवासीर प्रभावित क्षेत्र में दिन में 3-4 बार लगाएं| इस नुस्खे का प्रयोग दर्द और लालिमा के खत्म हो जाने तक करना चाहिये| लगभग 15 दिनों तक ऐसा करने पर आपको बवासीर से काफी हद तक आराम मिल सकता है| संभवतः आप इसे अपने आहार में भी शामिल करें, क्योंकि यह पेट की समस्याओं को भी जड़ से नष्ट कर पाने में निपुण है|

लहसुन — Garlic For Piles Treatment in Hindi


लहसुन में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) और एंटी-बैक्टीरियल (Anti-bacterial) गुण बवासीर से होने वाले दर्द को और सूजन को कम करने में मदद करते हैं| इसे इस्तेमाल करने का तरीक़ा बेहद आसान है और इसे दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है|

1) बवासीर गुदा मार्ग के बाहर होने पर लहसुन की चार कलियों को कूटकर एक गिलास पानी में मिलाएं, इस पानी को आप तब तक उबालें जब तक पानी का रंग पूरी तरह से बदल न जाए| एक सूती कपड़े को इस पानी में भिगोकर उसे अपने मस्से वाले स्थान पर 15 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें| ऐसा दिन में दो बार कर सकते हैं|

2) अगर बवासीर गुदा मार्ग के भीतर या गुदा मार्ग में ही है तो लहसुन की कुछ कलियों का ज्यूस निकालिये और उस ज्यूस को गुदा मार्ग के भीतर सोने से पहले डालें| ऐसा करने से दर्द और सूजन काफी हद तक बहुत जल्दी कम हो जाते हैं|

जात्यादी का तेल — Jatyaadi Oil For Piles Treatment in Hindi


जात्यादी का तेल एक आयुर्वेदिक औषधि है जो अक्सर नेचुरोपैथी एवं आयुर्वेदिक डॉक्टरों के द्वारा सुझाई जाती है| यह  फिशर एवं बवासीर के इलाज के लिए एक रामबाण तरीक़ा साबित हो सकती है| यह मस्सों की लालिमा को ख़त्म करती है और सूजन एवं दर्द से ख़ूब राहत प्रदान करती है|

एक बाथटब में 5-6 बूंद जात्यादी का तेल डालें और अपने गुदा को उस पानी में लगभग 10 मिनट तक रखें| बवासीर के इलाज का ये घरेलू नुस्ख़ा (Home Remedies For Piles in Hindi) आप दिन में तीन से चार बार प्रयोग में ला सकते हैं| धीरे-धीरे आप बवासीर के मस्से और उससे होने वाली जलन एवं पीड़ा को ग़ायब होता महसूस करेंगे|

कलौंजी — Black Cumin Seeds For Piles Treatment in Hindi


कलौंजी का उपयोग कई तरह के आंतरिक एवं बाहरी रोगों का इलाज करने के लिए किया जाता है| कलौंजी के तेल में उपस्थित Thymoquinone नामक तत्व इसे इलाज करने के लिए उपयुक्त बनाता है| इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory), एंटीओक्सिडेंट (Antioxidant) और Analgesic गुण भी मौजूद होते हैं जो बवासीर और उसके मस्से को ठीक करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं| इसके अलावा, यह पाचन तंत्र को बेहतर बना कर पेट संबंधित अधिकतम समस्याएं ख़त्म करता है।

इसका इस्तेमाल दो तरह से किया जा सकता है: मस्सों को दूर करने और बवासीर से होने वाली सूजन एवं पीड़ा को कम करने के लिए एक चम्मच कलौंजी के तेल में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar) मिलाकर उसे प्रभावित क्षेत्र पर दिन में तीन से चार बार लगाएं| पेट संबंधित समस्याओं से राहत पाने के लिए एक चम्मच तेल को एक कप काली चाय में मिलाकर पिया जा सकता है| इससे कब्ज और बवासीर की समस्या दूर होती है।

ग्रीन टी — Green Tea For Piles Treatment in Hindi 


ग्रीन टी की एंटीओक्सिडेंट प्रॉपर्टीज़ पाइल्स को दूर करने में बहुत सहायक साबित होती हैं| बवासीर का इलाज करने के लिए आपको ग्रीन टी और टी बैग का उपयोग करना चाहिए|

ग्रीन टी को पानी में उबालकर इसमें एक चम्मच शहद और नींबू का रस मिलाकर इसका सेवन करें| इससे आपका कब्ज दूर होगा और आपको मल त्याग में आसानी होगी| केवल इतना ही नहीं, ग्रीन टी का ज़ायका नींबू और शहद के साथ लेने से मस्सों की सूजन भी कम हो जाती है|

अगर आप प्रभावित क्षेत्र को दिन में तीन से ज्यादा बार ग्रीन टी से धो पाते हैं तो यह आपके लिए और भी बेहतर साबित हो सकता है| बस इस बात का ध्यान रखा जाए कि अगर आप प्रभावित हिस्से को धोना चाहते हैं तो फिर आपको नींबू और शहद नहीं मिलाना है।

टी बैग में ग्रीन टी को भरकर प्रभावित हिस्से की सेंकाई भी कर सकते है।

मात्र 15 दिनों तक इस नुस्ख़े को अपनाने के बाद ही आपको परिणाम नज़र आना शुरू हो जाते हैं।

मूली का रस — Radish Juice For Piles Treatment in Hindi


मूली का रस कठोर मल को मुलायम करके  बवासीर के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है| मूली में मौजूद कुछ ख़ास तत्व कब्ज को दूर करते हैं और पाइल्स से राहत दिलाने में भी मदद करते हैं| इसका इस्तेमाल करने के लिए आप मूली का एक या आधा गिलास ज्यूस बनाएं और उसका सेवन करें|  यह आपके बवासीर के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होगा| इसके अलावा, अगर आप चाहें तो मूली के रस का शहद के साथ पेस्ट तैयार करके गुदा मार्ग के आसपास लगा सकते हैं| ये सूजन और दर्द को कम करने में मदद करेगा।

विच हैजल — Witch Hazel For Piles Treatment in Hindi 


सर्वाधिक तौर पर विच हेज़ल का प्रयोग त्वचा की जलन और सूजन को दूर करने के लिए किया जाता है| इसे बवासीर प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से आपको बहुत ज्यादा ठंडक महसूस होगी| इसमें मौजूद Antistrigent इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है और बवासीर को ठीक करने में एक मुख्य भूमिका निभाता है|

इसका इस्तेमाल करने के लिए एक सूती कपड़े को विच हैज़ल के पानी में भिगो दें| फिर इस कपड़े को आप बवासीर प्रभावित क्षेत्र में 15 मिनट के लिए लगाकर रखें। ऐसा दिन में तीन से चार बार करें| अगर रोग आंतरिक भाग में है तो आप सोते समय विच हैजल के पानी की तीन-चार बूंदें अंदर डाल लें| ऐसा करने से बवासीर में काफी राहत मिलती है।

टी ट्री ऑयल — Tea Tree Oil For Piles Treatment in Hindi


टी ट्री ऑयल में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो इंफेक्शन को बढ़ने से रोकते हैं और बवासीर का इलाज करते हैं| टी ट्री ऑयल और ओलिव ऑयल को एक साथ मिलाकर प्रभावित क्षेत्र में दिन में तीन बार लगाने से आपको बवासीर से छुटकारा मिल सकता है।

निष्कर्ष — Conclusion

बवासीर का इलाज करने के लिए ऐसे कई घरेलू इलाज मौजूद हैं| मरीज़ बिना किसी हिचक के इनका इस्तेमाल कर सकते हैं| लेकिन इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अपने डॉक्टर या वैद्य की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। अपने मन से किसी भी प्रकार का घरेलू इलाज करना घातक भी साबित हो सकता है।